करोना लॉकडाउन के दौरान समस्त महाजन रोटी बैंक की आशातीत सफलता के लिए गवर्नर अवार्ड

 


समस्त महाजन  के  कर्मठ कार्यकर्ता -हीरालाल जैन को  महाराष्ट्र के राज्यपाल द्वारा "करोना योद्धा अवार्ड" दिया गया 

मुंबई(महाराष्ट्र)

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता स्वयंसेवी संस्था- "समस्त महाजन"  के एक  अत्यंत कर्मठ एवं  समर्पित  कार्यकर्ताओं को  महाराष्ट्र के राज्यपाल  भगत सिंह कोश्यारी ने करोना योद्धा अवार्ड देकर सम्मानित किया है । करोना योद्धा का  यह सम्मान  संस्था द्वारा गत वर्ष  करोना महामारी के  दौरान  भारत सरकार द्वारा  लॉकडाउन के वजह से आम जन मानस, खास करके  गरीब एवं निराश्रित या  तिहारी पर काम करने वाले  मजदूरों  और आदिवासियों के सामने  2 जून की रोटी  जुटाना मुश्किल हो गया था । हीरालाल जैन समस्त महाजन रोटी बैंक कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए किसी प्रकार की कसर नहीं छोड़ी थी जिसका नतीजा है कि आज संस्था को ऐसा सम्मान प्राप्त हुआ।

लॉक डाउन जैसी  विपत्ति जनक की स्थिति में  समस्त महाजन  ने हिम्मत नहीं हारी और अपने  एक अत्यंत समर्पित कार्यकर्ता हीरालाल जैन  के माध्यम से  समस्त महाजन रोटी बैंक  अभियान  का सफल संचालन किया । इसके माध्यम से  भोजन जैसी समस्या से जूझ रहे लोगों को  बहुत बड़ा सहारा मिला।  समस्त महाजन रोटी बैंक कार्यक्रम देखते ही देखते अत्यंत  पॉपुलर हो गया  और लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया। समस्त महाजन के कार्यकर्ता  हीरालाल जैन के  कर्मठता ,रात दिन की कोशिश से प्राप्त विशेष परिणाम एवं विशेष योगदान के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया गया ।  समस्त महाजन के मैनेजिंग ट्रस्टी  गिरीश जयंतीलाल शाह  तथा  समस्त महाजन परिवार  इस सम्मान के लिए  बधाई देते हुए  कहा है कि उनके जैसे कार्यकर्ता पर गर्व सभी को गर्व है । 

समस्त महाजन  के मैनेजिंग ट्रस्टी  शाह  भारत सरकार के अधीन कार्यरत भारतीय जीव जंतु कल्याण बोर्ड के सदस्य भी हैं, उन्होंने अपने खुशहाली को व्यक्त करते हुए है कि  "समस्त महाजन रोटी बैंक कार्यक्रम" के तहत  उल्लेखनीय सफलता मिली है क्योंकि  रोटी बैंक के लिए  दानदाता निरंतर बढ़ते चले जा रहे थे  इस प्रकार यह कार्यक्रम निरंतर लोकप्रिय होता जा रहा था ।  इस अभियान में हीरालाल जैन की सूझबूझ से खूब रंग आई और प्रतिदिन 6,000 से अधिक लोगों के बीच  रोटी के साथ अन्य सामग्री मिलाकर  तैयार किए गए फूड पैकेट लोगों को बांट जा रहे थे । फूड पैकेट के इस वितरण कार्य में ऑटो रिक्शा वाले, गरीब तिहाडी  के मजदूर, आदिवासी,खास करके माया नगरी मुंबई से  अपने घर लौटते  हर भूखे -प्यासे  व्यक्ति को  भोजन देने में सफलता मिली थी ।  

दरअसल, इस कार्यक्रम के शुरू में  एकत्र हो रही 1,000 रोटियां आखिर में 30,000 के संख्या में पहुंच गई ।  जिनसे  रोजाना 6,000 लोगों को  भोजन मुहैया कराने के लिए  कामयाबी हासिल हुई ।  इतनी भारी मात्रा में रोटियों को एकत्र करने और बांटने के लिए 250 संतसेवी कार्यकर्ताओं को लेकर  इस कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा था ।  प्रतिदिन बांटे जाने वाली इतनी रोटियां  लगभग 300 हाउसिंग सोसाइटी से एकत्र की जाती थी  और उसमें सब्जी, दाल, खीर, पानी  तथा  सुखड़ी  तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं के साथ  दिया जा रहा था ।  यह वितरण कार्य मुंबई के सबसे प्रभावित 7 क्षेत्रों में नियमित पहुंचाया गया । सभी स्वयं सेवक लॉकडाउन के नियमों का भली प्रकार पालन करते हुए एक ड्रेस कोड या यूनिफॉर्म  पहनकर अपनी सेवाएं दे रहे थे। 

इस पुरस्कार की प्राप्ति के बाद समस्त महाजन के सभी कार्यकर्ताओं एवं ट्रस्टीज के अंदर अत्यंत खुशहाली है और हीरालाल को एक सर्वश्रेष्ठ कार्यकर्ता के दृष्टि से देख रहे हैं । गिरीश जयंतीलाल शाह का कहना है कि समस्त महाजन के सभी कार्यकर्ता ऐसे ही कर्मठ और जोशीले हैं । लेकिन इस पुरस्कार के बाद सभी कार्यकर्ताओं को हीरालाल जैन से प्रेरणा मिलेगी और सीखेंगे भी । 

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